अपने छात्र जीवन के कॉलेज पहुँचे सीएम धामी ने छात्रों संग की परीक्षा पर चर्चा, सीएम बोले “एग्जाम से डरने की जरूरत नहीं है,”

 

खटीमा । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान थारु राजकीय इंटर कॉलेज पहुंच कर परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। श्री धामी ने कॉलेज पहुंच कर अपनी पुरानी यादें ताजा की विद्यार्थियों के बीच बैठकर फ्रेंडली वार्ता की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने इस विद्यालय के छात्र रहे हैं। श्री धामी ने कहा कि छात्र जीवन में शिक्षा प्राप्त की, जो भी जिम्मेदारी मिली उसको बखूबी अंजाम दिया।श्री धामी ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते थे और लिखने के लिए तख्ती का उपयोग किया करते थे। उन्होंने कहा कि उनके आगे बढ़ने में विद्यालय का बहुत बड़ा योगदान है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक्जाम के दौरान उत्पन्न होने वाले तनाव, जिज्ञासा आदि पर मार्गदर्शन किया है, श्री धामी ने कहा कि तनाव से दूर रहने हेतु एक्जाम वारियर परीक्षा पे चर्चा पुस्तक को अवश्य पढ़ना चाहिए। बालिका अष्टवी राज ने प्रश्न पूछा कि जैसे–परीक्षा की घड़ी नजदीक आती जा रही है, वैसे–वैसे घबराट बढ़ती जा रही, किस प्रकार टाइम मैनेजमेंट करें कि सारे सब्जेक्ट कवर हो जाएं, इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं है, कठिन लगने वाले सब्जेक्ट को अधिक समय दीजिए, शिक्षकों, दोस्तों के साथ टॉपिक एवम विषय पर विस्तार से चर्चा कीजिए। उन्होंने कहा कि मैं भी सामान्य छात्र रहा हूं, हमे किसी भी सब्जेक्ट को कठिन नहीं मानना चाहिए बल्कि एक पाठ के बाद दूसरे पाठ को इस प्रकार लेना चाहिए कि कुछ अच्छा और नया सीखने के लिए मिलेगा। श्री धामी ने कहा कि व्यक्ति स्वयं के लिए सबसे अच्छा टाइम मैनेजर होता है। उन्होंने कहा कि अपनी आवश्यकता के अनुसार टाइम मैनेज करना चाहिए और प्रातःकाल जरुर उठना चाहिए तथा दिनचर्या में व्यायाम एवम खेलों को भी शामिल करना चाहिए ।
मोहम्मद रेहान ने प्रश्न पूछा कि ट्वेल्थ के बाद क्या विकल्प चुनना चाहिए, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी विद्यार्थियों को यह जरूर सोचना चाहिए कि हमें किस क्षेत्र में आगे बढ़ना है या क्या करना है??। श्री धामी ने कहा कि हमे अपनी रूचि के अनुसार केरियर का विकल्प चुनना चाहिए। धोनी ने स्पष्ट कहा कि हमारे गुरु एवं अभिभावक केरियर चुनने के लिए गाइड कर सकते हैं परंतु कैरियर का चुनाव हमें अपनी रूचि के अनुसार ही करना चाहिए।
मोहम्मद आरिफ ने प्रश्न किया कि एग्जाम के नजदीक आने पर प्रेशर एवं डिप्रेशन बढ़ता जा रहा है,पढ़ाई कैसे की जाए, इस पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “मन के जीते जीत है, मन के हारे हार”। श्री धामी ने कहा कि एग्जाम से डरने की जरूरत नहीं है, एग्जाम को युद्ध का मैदान नहीं है और प्रश्न सिलेबस से बाहर से भी आने वाले नहीं है अर्थात प्रश्न सिलेबस से ही पूछे जाएंगे, श्री धामी ने पुणे दोराया की टाइम का ही मैनेजमेंट करना है और तृतीय दिन पूरी निष्ठा ईमानदारी एवं लगन से पढ़ाई करने के साथ-साथ व्यायाम एवं खेलकूद को भी समय देना चाहिए।
प्रेरणा ने प्रश्न पूछा कि पहले और अब की पढ़ाई में क्या परिवर्तन दिखाई दे रहा है, इस पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंतर इतना है कि पहले तख्ती पर पढ़ाई लिखाई होती थी और टाट एवम चटाई पर बैठकर पढ़ाई करते थे। इनामी ने कहा कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है तकनीकी ज्ञान वर्तमान के बच्चों को ज्यादा है हम लोगों को नहीं।
प्रियांशी ने पूछा कि नकारात्मक विचारों से कैसे बचा जाए, श्री धामी ने कहा कि व्यक्ति को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए क्योंकि सोच सही विचार उत्पन्न होते हैं, फ्री धामी ने कहा कि सकारात्मक सोच उत्साह एवं उमंग मन में होनी चाहिए। मैंने कहा कि हमारे मन में उत्साह होगा तो हमारे अंदर उर्जा आएगी और खराब सोच भूल जाएंगे । श्री धामी ने कहा कि अपनी सोच के दायरे को कुआ की तरह सीमित न रखते हुए विशाल महासागरों की तरह बढ़ाना होगा। श्री धामी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने भी कहा है कि मनुष्य अनंत शक्ति एवम उर्जा का भंडार है।
आरिश ने प्रश्न पूछा कि स्पोर्ट्स के क्षेत्र में कौन-कौन सी योजनाएं हैं जिससे आगे बढ़ा जा सकता है, ईश्वर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार नई स्पोर्ट्स नीति लेकर आई है जिसमें प्रावधान किया गया है कि यदि कोई खेल क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसके बाहर जाने,आने, रहने, खाने के साथ ही नौकरी की भी व्यवस्था की जा रही है।उन्होंने कहा कि नौकरियों में खेल कोटा शुरू कर रहे हैं।
अनमोल प्रजापति ने प्रश्न किया कि अपनी घबराहट एवं है जी टेंशन को कैसे दूर कर सकते हैं, इस पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमें अपने सोचने का नजरिया बदलना चाहिए, उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि आप किसी सभा में बोल रहे हैं तो यह सब मन से निकाल देना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति हमसे ज्यादा विद्वान इस सभा में उपस्थित है, क्योंकि उस समय सभी विद्वान सिर्फ और सिर्फ आपको सुन रहे होते हैं, आपको सकारात्मक विचारों के साथ अपनी बात को रखते रहना चाहिए। श्री धामी ने कहा कि मन में नकारात्मक सोच नहीं रहनी चाहिए और मोरल हाई रखना चाहिए, झिझक स्वतः ही दूर हो जाएगी। अंजू गंगवार ने प्रश्न पूछा कि पॉलिटिक्स में कैसे आगे बढ़ा जाए, इस पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जितने भी लोग देश दुनिया में इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है उनका शुरुआती जीवन में कुछ बनने के लिए नहीं सोचा होगा, मैंने भी नहीं सोचा था कि मैं श्याम बनूंगा। श्री धामी ने स्पष्ट कहा कि हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि “मुझे कुछ बनने के लिए नहीं बल्कि कुछ करने के लिए बनना है”। श्री धामी ने कहा कि राजनीति ही नही अपितु अपनी रूचि के अनुसार चुने गए कार्य क्षेत्र में पूरी ईमानदारी निष्ठा एवं लगन, समय बाध्यता के साथ कार्य करोगे तो निश्चित ही उस क्षेत्र के लीडर कहलाओगे। इसके साथ ही रिजवान अहमद ने एनसीसी, राहुल बडोनी ने इंग्लिश मीडियम आदि के बारे में प्रश्न पूछा, जिनका जवान भी श्री धामी ने दिया मुख्यमंत्री ने ऑडोटोरियम को आधुनिक ऑडोटोरियम के रूप में बनाने, मुख्य भवन की मरम्मत कराने तथा फील्ड/खेल मैदान का सौंदर्यकरण कराने की घोषणा की। इस दौरान जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य शिक्षाधिकार आरसी आर्य सहित विद्यार्थी तथा टीचर्स आदि उपस्थित थे।